Skip Navigation Linksहोम | केंद्र और परियोजनाएं | सूचना का अधिकार परियोजना

सूचना का अधिकार परियोजना

प्रस्‍तावना -

11 मई सन् 2005 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 संसद में पेश किया गया, जिसे राष्‍ट्रपति की अभिस्‍वीकृति के बाद केन्‍द्रीय अधिनियम क्रमांक 22/15 जून 2005 से यह जम्‍मू कश्‍मीर को छोड़ सम्‍पूर्ण देश में लागू हो गया। यह अधिनियम पूरे भारत में 120 दिनों की समयावधि अर्थात् 12 अक्‍टूबर 2005 से लागू मान लिया । सूचना का अधिकार अधि‍नियम 2005 बनाने के पीछे मूल भावना विश्‍व का सबसे बडा़ लोकतांत्रिक देश होने के नाते जनता द्वारा चुने प्रतिनिधियों का जनता की ओर से जनता के लिये शासन के सुसंचालन में सरकार एवं सरकारी तंत्र का जनता के प्रति उत्‍तरदायी एवं जवाबदेह होने के साथ उनके क्रियाकलापों में पारदर्शिता लाना है ।

स्‍वच्छ एवं सुशासन की स्‍थापना हेतु अकादमी में विभिन्‍न प्रशिक्षणों में सूचना का अधिकार अधिनियम पर जोर दिया जाता है। शासन में पारदर्शिता लाने और नागरिकों की शासन प्रक्रिया में सहभागिता स्‍थापित करने के लिये बनाया गया एक महत्‍वपूर्ण अधिनियम है, जिसका उत्‍तरोत्‍तर प्रयोग बढ़ रहा है। अधिनियम आने के उपरान्‍त अधिनियम के प्रचार प्रसार एवं विभिन्‍न स्‍तर के अधिकारियों को अधिनियम के संबंध में स्‍पष्‍टता देने प्रशासन अकादमी में सूचना का अधिकार परियोजना संचालित की जा रही है ।

UNDP funded Capacity Building for Access to Information – 2006 से वर्ष 2008 :-

सूचना की पहुँच के लिए क्षमता संवर्धन हेतु इस परियोजना में वर्ष 2006 से वर्ष 2008 तक अकादमी में राज्‍यस्‍तर एवं खरगौन व मण्‍डला में जिलास्‍तर की गतिविधियां की गई । प्रमुख गतिविधियों में अकादमी में राज्‍यस्‍तर पर 165 प्रशिक्षण, लगभग 34678 प्रशिक्षणार्थी तथा जिलास्‍तर पर मण्‍डला में लगभग 169 प्रशिक्षण में 5686 प्रशिक्षणार्थी तथा खरगौन में 37 प्रशिक्षण जिसमें लगभग 19503 प्रशिक्षणार्थी लाभांवित हुए। अन्‍य गतिविधियों में अधिनयम तथा गाईड इत्‍यादी का हिन्‍दी अनुवाद, जिलास्‍तर एवं राज्‍यस्‍तर के लोक सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों की डायरेक्‍ट्री, बेस्‍टप्रेक्‍टीस एवं सक्‍सेस स्‍टोरीस का डाक्‍यूमेंटेशन किया गया। आकाशवाणी से 4 लाइव फोन इन रेडियो प्रोग्राम ‘‘हैलो आकाशवाणी'’ ब्रोशर, पोस्‍टर एवं बेनर्स, रोड शो, इन्‍फोरमेशन फेयर, सेमिनार आदि का आयोजन किया गया ।

स्‍टेशन से आम आदमी को अधिनियम के प्रावधानों से परिचित कराने हेतु प्रसारित किया गये। मण्‍डला में 6 (लगभग) एवं खरगौन में 2 (लगभग) टेलीविजन विज्ञापन/फिल्‍म का ईटीव्‍ही एवं सहारा टीव्‍ही पर प्रसारित किये गये । ब्रोशर, पोस्‍टर एवं बेनर्स आदि जिला मण्‍डला व खरगौन में वितरित की गई । खरगौन जिले में ग्रामीणस्‍तर पर लगभग 432 गॉंव के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी के लिए ‘‘ मिनि जनदर्शन ’’ कार्यक्रम आयोजित किया गया । लगभग 307 रोड शो, डांस ड्रामा, 11 पपेट शो खरगौन में व लगभग 40 आयोजन मण्‍डला में हुए। 25 इन्फरमेशन फेयर का राज्‍यस्‍तरीय (अकादमी द्वारा) एवं 67 मण्‍डला व 4 खरगौन में आयोजित किये गये । सेमिनार व टॉक शो का भी आयोजन किया गया ।



Strengthening, Capacity Building and Awareness Generation for effective Implementation of RTI Act (Centrally Sponsored Plan Scheme from 2009) :

भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, नई दिल्ली द्वारा केन्द्रीय प्रायोजित योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल के साथ वर्ष 2009 में “Strengthening, Capacity Building and Awareness Generation for effective implementation of RTI Act” अनुबंध किया गया । योजनांतर्गत 19 कार्यशालाएं आयेजित कर नगरीय निकाय, मीडिया, एनजीओ, विद्यार्थी, शिक्षाविद, मध्‍यप्रदेश शासन के शासकीय अधिकारी/कर्मचारी आदि लाभांवित हुए।

अधिनियम के मुख्‍य प्रावधानों का ‘भीली’ भाषा में अनुवाद एवं केन्‍द्रीय सूचना आयोग के निर्णयों का हिन्‍दी में अनुवाद किया गया। सूचना का अधिकार अधिनियम पर हिन्‍दी में एक पुस्तिका तथा अन्‍य पाठ्य सामग्री भी तैयार की गई तथा विभिन्‍न प्रशिक्षणों में वितरित की गई।

Improving Transparency and Accountability in Government through Effective Implementation of Right to Information Act 2005 :

इसी परियोजना की निरंतरता वर्ष 2010-11 Improving Transparency and Accountability in Government through Effective Implementation of Right to Information Act 2005 अकादमी में संचालित की जा रही है । परियोजना द्वारा अकादमी में जिलास्‍तरीय प्रशिक्षण हेतु डिस्‍ट्रीक्‍ट रिसोर्स पर्सन (मास्‍टर ट्रेनर) प्रशिक्षित किये जाते हैं जो जिलों में प्रशिक्षण संचालित करते है।

वर्ष 2015 -2016 की उपलब्धियां :

  1. Workshop for youth on RTI Act : प्रदेश के युवाओं में सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रति जागरूकता बढा़ने के उद्देश्‍य से 8 अप्रैल 2015 को “Workshop for youth on RTI Act” विषयक कार्यशाला का शासकीय विज्ञान एवं वाणिज्‍य महाविद्यालय, बेनजीर भोपाल (म.प्र.) में आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय की लगभग 153 छात्र – छत्राओं व प्राध्‍यापकों की भागीदारी रही।
  2. Workshop for youth on RTI Act : प्रदेश के युवाओं में सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रति जागरूकता बढा़ने के उद्देश्‍य से 4 सितंबर 2015 को “Workshop for youth on RTI Act” विषयक कार्यशाला का उच्‍च शिक्षा उत्‍कृष्‍ट संस्‍थान भोपाल (म.प्र.) में आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की लगभग 156 छात्र – छत्राओं व प्राध्‍यापकों की भागीदारी रही।
  3. Training for District Resource Person :तीन दिवसीय आवासीय 1 प्रशिक्षणों का आयोजन किया गया जिसमें 14 मास्‍टर ट्रेनर्स प्रशिक्षित किये गये हैं ।

वर्ष 2014-2015 की उपलब्धियां :

 
  1.  Workshop for youth on RTI Act : प्रदेश के युवाओं, खासतौर पर महिलाओं में सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रति जागरूकता बढा़ने के उदेदश्‍य से 7 नवम्‍बर 2014 को “Workshop for youth on RTI Act” विषयक कार्यशाला का शासकीय एम.एल.बी. कन्‍या स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय, भोपाल में आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की लगभग 134 छात्राओं व प्राध्‍यापकों की भागीदारी रही।
  2. Training for District Resource Person : तीन दिवसीय आवासीय 3 प्रशिक्षणों का आयोजन किया गया जिसमें 69 मास्‍टर ट्रेनर्स प्रशिक्षित किये गये है।
  3. Training for State Public Information Officers(SPIOs) and First Appellate Authorities (FAAs): 51 जिलापंचायतों में अकादमी द्वारा प्रशिक्षत मास्‍टर ट्रेनर्स द्वारा लोक सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षणों का आयोजन किया जा रहा है ।


वर्ष 2010 से 2012 तक इस योजना में ''ट्रेनिंग फॉर डिस्ट्रीक्ट रिसोर्स पर्सन'' विषयक तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदेश के समस्‍त 50 जिलों में मास्टर ट्रेनर्स के लिए, 8 प्रशिक्षण आयोजित किये गये। जिनके द्वारा लगभग 140 प्रशिक्षण 50 जिलापंचायतों में लोक सूचना अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। इसी क्रम में प्रदेश लगभग सभी जिलापंचायतों के

 

लगभग 60 मास्‍टर ट्रेनर्स के लिए एक रिफ्रेशर ट्रेनिंग का आयोजन भी किया गया। इसके अतिरिक्‍त के सात राज्‍यों के लिए“Five years of RTI and looking forward ” विषयक क्षेत्रीय कार्यशाला

का आयोजन किया गया। जिसमें महाराष्‍ट्र, गुजरात, राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ. आदि राज्‍यों से मीडिया, एनजीओ, विद्यार्थी, शिक्षाविद, मध्‍यप्रदेश शासन के शासकीय अधिकारी/कर्मचारी आरटीआई कार्यकर्त्‍ता आदि ने भाग लिया ।



2012-13 की उपलब्धियां:- वर्ष 2012-13 में निम्‍नानुसार प्रशिक्षण एवं कार्यशालाऐं आयोजित की गई : -

1. ''ट्रेनिंग फॉर डिस्ट्रीक्ट रिसोर्स पर्सन'': तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदेश के समस्‍त 50 जिलों में मास्टर ट्रेनर्स के लिए, पाँच प्रशिक्षण आयोजित किये गये ।


2. म.प्र. शासन के प्रमुख विभागों/लोक प्राधीकारियों के लोक सूचना अधिकारियों हेतु ''प्रभावी प्रशासन हेतु सूचना के अधिकार की प्रभावशीलता'' पर दो कार्यशालाऐं क्रमश: दिनॉंक 22/12/2012 एवं दिनॉंक 5/01/2013 को आयोजित की गई। इन कार्यशाला में क्रमश: 42 व 43 प्रतिभागियों ने भाग लिया।



3. म.प्र. शासन के प्रमुख विभागों/लोक प्राधीकारियों के अपीलीय अधिकारियों के लिए ''इम्प्रूविंग ट्रान्सपरेन्सी एण्ड अकाउन्टेबिलिटी इन गवर्मेन्ट थ्रू इफेक्टिव इम्प्लीमेंटेशन ऑफ राईट टू इन्फॉरमेशन एक्ट 2005'' विषयक दो कांफ्रेन्‍स 15/02/2013 एवं 25/04/2013 को आयोजित की गई। इन कान्‍फ्रेंस में लगभग 12 व 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया ।



4. ‘ट्रेनिंग ऑफ एस.पी.आई.ओ.एस. एंड एफ.ए.ए.एस.’ विषयक दो दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का प्रदेश के समस्‍त 50 जिलापंचायतों में अकादमी द्वारा प्रशिक्षित मास्‍टर ट्रेनर्स द्वारा लोक सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों के लिए आयोजन ।






वर्ष 2013-14 के लिए अक्‍टूबर 2013 में भारत सरकार से रू. 37.71 लाख की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। जिससे निम्‍नानुसार गतिविधियां संचालित की जा रही है :-

1. ''ट्रेनिंग फॉर डिस्ट्रीक्ट रिसोर्स पर्सन'' तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रदेश के समस्‍त 51 जिलों के मास्टर ट्रेनर्स के लिए प्रशिक्षण अकादमी में कुल पॉच प्रशिक्षण – 4 आयोजित, 1 शेष ।







2.1 वर्कशाप/सेमिनार Workshop on “Suo Moto Disclosure – the way forward ‘ under RTI Act “ :

प्रदेश के प्रमुख विभागों के लोक सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों के लिए स्‍वप्रकटीकरण पर एक दिवसीय गैर आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें 49 प्रतिभागी सम्मिलित हुए।







      2.2 Workshop for “Enhancing Accountability and Clarity in role of Public Authorities” : अधिनियम की धारा 4 में लोक प्राधिकारियों की बाध्‍यताऐं स्‍थापित की गई । सेक्‍शन4(1) के अंतर्गत अभिलेखों का सम्‍यक रूप से सूची पत्रित एवं अनुक्रमणिका बद्ध होना व स्‍वप्ररेणा से जनता को नियमित अंतरालों पर संसूचना के विभिन्‍न संसाधनों के माध्‍यम से अधिकाधिक जानकारी उपलब्‍ध कराने का प्रयास करना जिससे जनता को सूचना प्राप्‍त करने के लिये इस अधिनियम का कम से कम अवलम्‍ब लेना पडे. । यह माना जा सकता है कि अगर अधिक‍तम जानकारी लोक प्राधिकारियों के स्‍तर पर उपलब्‍ध होगी तो सूचना के अधिकार के अंतर्गत आने वाले प्रश्‍नों की संख्‍या में कमी आयेगी । इन महत्‍वपूर्ण बिन्‍दुओं पर विचार विमर्श हेतु प्रदेश के 17 लोक प्राधिकारियों ने इस एक दिवसीय गैर आवासीय कार्यशाला में भाग लिया ।



            2.2 “Workshop for Youth on RTI Act” : सूचना का अधिकार पर प्रशासन अकादमी द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला दिनांक 7/11/2014 को शासकीय महारानी लक्ष्‍मी बाई कन्‍या स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय में आयोजित की गई । जिसमें श्री आलोक संजर, सांसद, भोपाल मध्‍यप्रदेश विशेष अतिथि थे । जिसमें करीब 134 प्रतिभागियों ने भाग लिया ।

3 ‘ट्रेनिंग ऑफ एस.पी.आई.ओ.एस. एंड एफ.ए.ए.एस.’: प्रदेश के समस्‍त 51 जिलापंचायतों में अकादमी द्वारा प्रशिक्षित मास्‍टर ट्रेनर्स द्वारा लोक सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों के लिए दो दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन जारी।



4. Regional Workshop on “Learning Lessons and sharing experiences in the field using RTI Act “ : अकादमी में 28, दिसंबर 2013 को तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उत्तरप्रदेश के लिए उक्‍त विषय पर एक दिवसीय क्षेत्रिय कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें श्री ए.एन. तिवारी, पूर्व केन्द्रीय मुख्‍य सूचना आयुक्त, श्री एम.एल.शर्मा, पूर्व केन्द्रीय सूचना आयुक्त नई दिल्ली एवं श्री सर्जियस मिंज, मुख्‍य सूचना आयुक्त छत्तीसगढ़ उपस्थित थे। कार्यशाला में शासकीय अधिकारियों, गैर सरकारी संस्थाओं, मीडिया, शिक्षाविद्‌, विद्यार्थी आदि क्षेत्रों से लगभग 107 प्रतिभागियों की भागीदारी रही । कार्यशाला के लिए सभी प्रमुख राष्‍ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापित कर सूचना का अधिकार के क्षेत्र में ‘बेस्‍ट प्रेक्‍टीस’ एंव ‘सक्‍सेस स्टोरीज़’ पर 58 लेख प्राप्‍त किये गये। तथा उनमें से दो सर्वश्रेष्‍ठ लेख ‘बेस्‍ट प्रेक्‍टीस’ एवं पॉच सर्वश्रेष्‍ठ लेख ‘सक्‍सेस स्टोरीज़’ रू 5000/- नकद पुरस्‍‍कार (प्रत्‍येक) एवं लेखक द्वारा लेख का कार्यशाला में प्रस्‍तुतीकरण भी किया गया ।


 

 
अन्‍य गतिविधियां :

1. शासन में पारदर्शिता लाने और नागरिकों की शासन प्रक्रिया में सहभागिता स्‍थापित करने के लिये बनाये गये एक महत्‍वपूर्ण अधिनियम – ‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’ के प्रचार प्रसार व आम आदमी को अधिनियम के प्रावधानों से परिचित कराने हेतु नुक्‍कड+ नाटक का आयोजन किया प्रस्‍तावित है ।

मीडिया गैलरी

प्रमुख गतिविधियाँ

प्रकाशन

केंद्र और परियोजनाएं